सिम-स्वैप क्या है? इस फ्रॉड से आपका अकाउंट तुरंत हो जाता है खाली, जानिए इससे बचने के उपाय

तकनीक के विकास के साथ काम आसान हो गया है, लेकिन कभी-कभी ऐसा लगता है कि यह वरदान है या अभिशाप? वर्तमान युग में लगभग सभी के पास स्मार्टफोन है, हम स्मार्टफोन के माध्यम से होटल बुकिंग, टिकट बुकिंग, बैंकिंग सेवाओं जैसी कई सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।

सिम-स्वैप क्या है? इस फ्रॉड से आपका अकाउंट तुरंत हो जाता है खाली, जानिए इससे बचने के उपाय

तकनीक के विकास के साथ काम आसान हो गया है, लेकिन कभी-कभी ऐसा लगता है कि यह वरदान है या अभिशाप? वर्तमान युग में लगभग सभी के पास स्मार्टफोन है, हम स्मार्टफोन के माध्यम से होटल बुकिंग, टिकट बुकिंग, बैंकिंग सेवाओं जैसी कई सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। स्मार्टफोन के जरिए सिम क्लोनिंग या सिम स्वैपिंग भी की जाती है। आखिर क्या है सिम क्लोनिंग या सिम स्वैपिंग, जानिए।

क्या है सिम स्वैप?: एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी के मुताबिक सिम स्वैप का मतलब सिम स्वैपिंग है। सिम क्लोनिंग या सिम स्वैपिंग के जरिए साइबर क्राइम आसानी से किया जा सकता है। जालसाज आपके सिम का डुप्लीकेट बनाता है। जालसाज आपके फोन नंबर के साथ आपको एक नए सिम के लिए पंजीकृत करवाते हैं। इसके बाद आपकी सिम बंद हो जाती है। फिर आपके नंबर पर रजिस्टर्ड दूसरे नंबर पर जो ओटीपी आता है, कोई भी आपके अकाउंट का पैसा खाली कर सकता है।

बचाव कैसे करें: सोलंकी ने कहा कि अगर आपके मोबाइल से नेटवर्क चला जाता है, या आपके फोन पर कोई फोन कॉल और कोई अलर्ट नहीं है, तो आपको तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटरों से शिकायत करनी चाहिए। अपना मोबाइल नंबर भूलकर भी सोशल मीडिया पर न डालें। अगर आपको लगता है कि आपके नंबर का इस्तेमाल सिम की अदला-बदली के लिए किया जा रहा है, तो तुरंत इसकी सूचना अपने मोबाइल ऑपरेटरों को दें।

कभी-कभी धोखेबाज आपको कई नंबरों से कॉल करना शुरू कर देंगे। अगर आपको लगता है कि ये अनजान कॉल्स आ रही हैं तो फोन को बंद कर देना चाहिए। लेकिन, कई बार ऐसा होता है कि जालसाज की यह चाल हो सकती है कि अगर आपके पास ज्यादा फोन आते हैं तो आप मोबाइल स्विच ऑफ कर देते हैं और आप अपने नेटवर्क में छेड़छाड़ का पता नहीं लगा पाते। किसी भी समस्या या अनियमितता की पहचान करने के लिए आपको समय-समय पर अपने बैंक स्टेटमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच करनी चाहिए।