बिहार विधानसभा की कार्यवाही स्थगितः पूरा सदन एक मिनट तक मौन रहकर मृत आत्माओं को दी श्रद्धांजलि

बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र  की आज से शुरूआत हुई। आज से शुरू हुए विधानमंडल का सत्र 30 जुलाई तक चलेगा। पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब सदन पहुंचे तो विस के अध्यक्ष विजय सिन्हा ने गुलदस्ता देकर उन्हें स्वागत किया।

बिहार विधानसभा की कार्यवाही स्थगितः पूरा सदन एक मिनट तक मौन रहकर मृत आत्माओं को दी श्रद्धांजलि
बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र  की आज से शुरूआत हुई। आज से शुरू हुए विधानमंडल का सत्र 30 जुलाई तक चलेगा। पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब सदन पहुंचे तो विस के अध्यक्ष विजय सिन्हा ने गुलदस्ता देकर उन्हें स्वागत किया। वहीं विधानपरिषद में भी कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने स्वागत किया। पहले दिन लोजपा विधायक दल का जेडीयू में विलय के प्रस्ताव की मंजूरी,दो राजकीय विधेयक पेश किये गये। इसके बाद दिवगंत आत्माओं का शोक-प्रकाश हुआ। वहीं कोरोना में मृत डॉक्टरों व अन्य को श्रद्धांजलि दी गई। पूरा सदन एक मिनट तक मौन रखकर सभी मृत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पहले दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। 
माले विधायक उठाना चाहते थे विधायकों की पिटाई का मामला
 
पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई वैसे माले विधायकों ने खड़े होकर पिछले सत्र में विपक्षी विधायकों का मुद्दा उठा दिया और मांग करने लगे पिटाई करने वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। माले विधायक इस पर चर्चा की मांग करने लगे। इसके बाद स्पीकर विजय सिन्हा ने माले विधायकों को सीट पर बैठने को कहा। 
विपक्षी विधायकों पर बिफरे विस अध्यक्ष
 
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के 10 मिनट बाद ही तेजस्वी यादव सीट पर खड़े होकर एक प्रस्ताव रखना चाहते थे। जिसे विस अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया और कहा कि आज इसके लिए उपर्युक्त समय नहीं है। कल आप अपना प्रस्ताव दीजिएगा । इस पर विपक्षी सदसय् खड़े हो गये और आसन की तरफ अंगुली उठाने लगे। इसके बाद विस अध्यक्ष विजय सिन्हा हत्थे से उखड़ गये। सीट पर खड़े हुए विपक्षी विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ-एक विधायकों के अमर्य़ादित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आसन का सम्मान करना सबका दायित्व है। विस अध्यक्ष के तल्ख तेवर के बाद विपक्षी विधायक अपने आसन पर बैठ गये। 
 
बता दें, बिहार विधानमंडल का सत्र काफी छोटा है। 26 जुलाई से सत्र शुरू होकर 30 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान दोनों सदन में पांच बैठक होगी। इस बैठक के भी हंगामेदार रहने की संभावना है।