पटना में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मरीज, भारी पड़ेगी लापरवाही - बिहार में थम नहीं रही मौतें

पटना : बिहार में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद सरकार ने अनलॉक करना शुरू कर दिया है। अनलॉक में लोगों की लापरवाही भारी पड़ सकती है क्योंकि पटना में एक बार फिर से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

पटना में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मरीज, भारी पड़ेगी लापरवाही - बिहार में थम नहीं रही मौतें

पटना : बिहार में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद सरकार ने अनलॉक करना शुरू कर दिया है। अनलॉक में लोगों की लापरवाही भारी पड़ सकती है क्योंकि पटना में एक बार फिर से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बुधवार को पटना में 71 नए संक्रमित मिले जबकि एक की मौत हो गई। पटना में पिछले तीन दिनों से कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा है। इससे पहले मंगलवार को 55 नए संक्रमित मिले थे जबकि रविवार को 27 नए संक्रमित मिले थे। अनलॉक के बाद एक दिन को छोड़कर पिछले 10 दिनों से लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या 30 से 50 के बीच रही। एक हफ्ते में पहली बार 40।
राजधानी पटना में बुधवार को मिले नए संक्रमितों में सबसे ज्यादा कंकड़बाग, शास्त्री नगर, बोरिंग रोड, एसके पुरी, फुलवारी, दानापुर इलाके से मिले हैं। इन क्षेत्रों में सक्रिय रोगियों की संख्या भी अधिक है। ये वे क्षेत्र हैं जो दूसरी लहर के दौरान भी सबसे अधिक संवेदनशील थे। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद सक्रिय संक्रमितों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। बुधवार को सक्रिय संक्रमितों की संख्या बढ़कर 377 हो गई। इससे पहले मंगलवार को यह संख्या 337 थी।
पूरे बिहार की बात करें तो संक्रमण दर में कमी आई है लेकिन मृत्यु दर में इजाफा हुआ है। छह मई को कोरोना की दूसरी लहर के चरम के दौरान राज्य में कुल 15,126 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई। जब संक्रमण की दर 14.40 प्रतिशत थी, उस दौरान राज्य में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर 0.55 प्रतिशत थी। वहीं 22 जून को कोरोना संक्रमण के केवल 268 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर 0.25 फीसदी रही तो संक्रमितों की मृत्यु दर 1.33 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती संक्रमित मरीजों की मौत के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। राज्य में भले ही संक्रमण के मामले कम हुए हों, लेकिन कोरोना से मरने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।