बिहार पंचायत चुनाव: बिहार में अक्टूबर में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, तैयारियों में जुटा चुनाव आयोग

राज्य चुनाव आयोग ने बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 कराने की तैयारी शुरू कर दी है। अक्टूबर में शुरू हो सकते हैं चुनाव बरसात के मौसम को देखते हुए सितंबर से चुनाव शुरू होने की उम्मीद बेहद कम है।

बिहार पंचायत चुनाव: बिहार में अक्टूबर में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, तैयारियों में जुटा चुनाव आयोग

राज्य चुनाव आयोग ने बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 कराने की तैयारी शुरू कर दी है। अक्टूबर में शुरू हो सकते हैं चुनाव बरसात के मौसम को देखते हुए सितंबर से चुनाव शुरू होने की उम्मीद बेहद कम है। आयोग ने चुनाव के लिए दूसरे राज्यों से ईवीएम मंगवाने के लिए पत्र लिखा है। पंचायत चुनाव के लिए पूरे बिहार में 1.20 लाख बूथ बनाए गए हैं। ऐसे में त्रिपक्षीय चुनाव के लिए बड़ी संख्या में ईवीएम की जरूरत पड़ेगी।

बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है. इससे पहले पंचायत चुनाव होने थे। लेकिन पहले ईवीएम से चुनाव कराने को लेकर राज्य चुनाव आयोग और भारत के चुनाव आयोग के बीच लंबे विवाद के कारण चुनाव नहीं कराया जा सका था। यह विवाद पटना हाई कोर्ट तक पहुंच गया। आखिरकार विवाद शांत हुआ तो कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। जिससे तीसरे पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाए।

तीसरी लहर को देखकर चुनाव

यदि पंचायत चुनाव अक्टूबर में शुरू होते हैं, तो वे दिसंबर तक पूरे हो जाएंगे। हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा कोविड की संभावित तीसरी लहर की स्थिति को देखते हुए ही की जाएगी।

16 जून से लागू होगी नई व्यवस्था

2016 में बनी त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और ग्राम कचहरी 15 जून को स्वत: भंग हो जाएगी। 16 जून से बिहार में पंचायती राज की नई व्यवस्था - परामर्शदात्री समिति काम करना शुरू कर देगी। त्रिस्तरीय पंचायतों के संचालन के लिए सलाहकार समिति में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद के लिए अलग से सलाहकार समिति गठित की जाएगी। ग्राम पंचायत का प्रतिनिधि अर्थात ग्राम पंचायत का मुखिया ग्राम पंचायत सलाहकार समिति का अध्यक्ष होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में पंचायती राज अधिनियम-2006 में संशोधन और सलाहकार समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। राज्यपाल फागू चौहान ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद पंचायती राज विभाग अध्यादेश का मसौदा तैयार करने में जुटा है। बिहार में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पंचायती राज व्यवस्था को चलाने के लिए सलाहकार समिति का गठन किया जा रहा है।